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पुष्य नक्षत्र – स्वामी, देवता, नाम अक्षर, स्वभाव और मिलान

पोषण करने वाले, अनुशासित और श्रद्धावान; शुभ कार्यों हेतु सबसे श्रेष्ठ नक्षत्रों में एक।

क्रम8 / 27
विस्तारCancer 3°20′ – Cancer 16°40′
राशिकर्क
स्वामी ग्रह (दशा)शनि – 19 वर्ष महादशा
देवताBrihaspati
गणदेव
नाड़ीमध्य
योनिमेष
नाम अक्षरहू, हे, हो, डा

चरण अनुसार राशि और नाम अक्षर

चरणअक्षरराशि
1हूकर्क
2हेकर्क
3होकर्क
4डाकर्क

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FAQ

पुष्य नक्षत्र के नाम अक्षर कौन से हैं?

पुष्य नक्षत्र के चार चरणों के नाम अक्षर हैं: चरण 1 – हू, चरण 2 – हे, चरण 3 – हो, चरण 4 – डा।

पुष्य नक्षत्र का स्वामी कौन है?

पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि हैं, इसलिए इस नक्षत्र में जन्मे जातक की पहली महादशा शनि की होती है (पूर्ण अवधि 19 वर्ष)।

पुष्य नक्षत्र किस राशि में आता है?

चरण 1: कर्क, चरण 2: कर्क, चरण 3: कर्क, चरण 4: कर्क।