रोहिणी नक्षत्र – स्वामी, देवता, नाम अक्षर, स्वभाव और मिलान
आकर्षक, रचनात्मक और स्थिर; सुख, सौंदर्य, परिवार और उन्नति प्रिय। चंद्रमा का प्रिय नक्षत्र।
| क्रम | 4 / 27 |
|---|---|
| विस्तार | Taurus 10°00′ – Taurus 23°20′ |
| राशि | वृषभ |
| स्वामी ग्रह (दशा) | चंद्र – 10 वर्ष महादशा |
| देवता | Brahma |
| गण | मनुष्य |
| नाड़ी | अन्त्य |
| योनि | सर्प |
| नाम अक्षर | ओ, वा, वी, वू |
चरण अनुसार राशि और नाम अक्षर
| चरण | अक्षर | राशि |
|---|---|---|
| 1 | ओ | वृषभ |
| 2 | वा | वृषभ |
| 3 | वी | वृषभ |
| 4 | वू | वृषभ |
सबसे अच्छा गुण मिलान
हमारे अष्टकूट इंजन से, रोहिणी (वर) के साथ पहले चरण पर आधारित:
- मृगशिरा – 35/36
- पूर्व भाद्रपद – 31.5/36
- अनुराधा – 27.5/36
- शतभिषा – 26.5/36
- पुष्य – 25/36
- उत्तर फाल्गुनी – 25/36
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रोहिणी नक्षत्र के नाम अक्षर कौन से हैं?
रोहिणी नक्षत्र के चार चरणों के नाम अक्षर हैं: चरण 1 – ओ, चरण 2 – वा, चरण 3 – वी, चरण 4 – वू।
रोहिणी नक्षत्र का स्वामी कौन है?
रोहिणी नक्षत्र के स्वामी चंद्र हैं, इसलिए इस नक्षत्र में जन्मे जातक की पहली महादशा चंद्र की होती है (पूर्ण अवधि 10 वर्ष)।
रोहिणी नक्षत्र किस राशि में आता है?
चरण 1: वृषभ, चरण 2: वृषभ, चरण 3: वृषभ, चरण 4: वृषभ।