मृगशिरा नक्षत्र – स्वामी, देवता, नाम अक्षर, स्वभाव और मिलान
जिज्ञासु और कोमल खोजी; यात्रा, ज्ञान और नए अनुभव प्रिय, कभी-कभी चंचल।
| क्रम | 5 / 27 |
|---|---|
| विस्तार | Taurus 23°20′ – Gemini 6°40′ |
| राशि | वृषभ, मिथुन |
| स्वामी ग्रह (दशा) | मंगल – 7 वर्ष महादशा |
| देवता | Soma (Chandra) |
| गण | देव |
| नाड़ी | मध्य |
| योनि | सर्प |
| नाम अक्षर | वे, वो, का, की |
चरण अनुसार राशि और नाम अक्षर
| चरण | अक्षर | राशि |
|---|---|---|
| 1 | वे | वृषभ |
| 2 | वो | वृषभ |
| 3 | का | मिथुन |
| 4 | की | मिथुन |
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मृगशिरा नक्षत्र के नाम अक्षर कौन से हैं?
मृगशिरा नक्षत्र के चार चरणों के नाम अक्षर हैं: चरण 1 – वे, चरण 2 – वो, चरण 3 – का, चरण 4 – की।
मृगशिरा नक्षत्र का स्वामी कौन है?
मृगशिरा नक्षत्र के स्वामी मंगल हैं, इसलिए इस नक्षत्र में जन्मे जातक की पहली महादशा मंगल की होती है (पूर्ण अवधि 7 वर्ष)।
मृगशिरा नक्षत्र किस राशि में आता है?
चरण 1: वृषभ, चरण 2: वृषभ, चरण 3: मिथुन, चरण 4: मिथुन।