रेवती नक्षत्र – स्वामी, देवता, नाम अक्षर, स्वभाव और मिलान
कोमल, देखभाल करने वाले और समृद्ध; यात्रियों और निर्बलों के रक्षक। गंडमूल नक्षत्र।
| क्रम | 27 / 27 |
|---|---|
| विस्तार | Pisces 16°40′ – Pisces 29°60′ |
| राशि | मीन |
| स्वामी ग्रह (दशा) | बुध – 17 वर्ष महादशा |
| देवता | Pushan |
| गण | देव |
| नाड़ी | अन्त्य |
| योनि | गज |
| नाम अक्षर | दे, दो, चा, ची |
चरण अनुसार राशि और नाम अक्षर
| चरण | अक्षर | राशि |
|---|---|---|
| 1 | दे | मीन |
| 2 | दो | मीन |
| 3 | चा | मीन |
| 4 | ची | मीन |
सबसे अच्छा गुण मिलान
हमारे अष्टकूट इंजन से, रेवती (वर) के साथ पहले चरण पर आधारित:
- उत्तर भाद्रपद – 34/36
- पूर्वाषाढ़ा – 32.5/36
- मृगशिरा – 28/36
- हस्त – 27.5/36
- मूल – 27.5/36
- पुष्य – 27/36
गंडमूल दोष
यह गंडमूल नक्षत्र है। शांति हेतु नक्षत्र देवताओं की पूजा और हवन किया जाता है।
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रेवती नक्षत्र के नाम अक्षर कौन से हैं?
रेवती नक्षत्र के चार चरणों के नाम अक्षर हैं: चरण 1 – दे, चरण 2 – दो, चरण 3 – चा, चरण 4 – ची।
रेवती नक्षत्र का स्वामी कौन है?
रेवती नक्षत्र के स्वामी बुध हैं, इसलिए इस नक्षत्र में जन्मे जातक की पहली महादशा बुध की होती है (पूर्ण अवधि 17 वर्ष)।
रेवती नक्षत्र किस राशि में आता है?
चरण 1: मीन, चरण 2: मीन, चरण 3: मीन, चरण 4: मीन।
क्या रेवती गंडमूल नक्षत्र है?
हां, रेवती छह गंडमूल नक्षत्रों में से एक है। परंपरा अनुसार जन्म के 27वें दिन या उसी नक्षत्र के आने पर गंडमूल शांति पूजा कराई जाती है।