स्वाति नक्षत्र – स्वामी, देवता, नाम अक्षर, स्वभाव और मिलान
स्वतंत्र, लचीले और कूटनीतिक; व्यापार और यात्रा में सफल, स्वतंत्रता प्रिय।
| क्रम | 15 / 27 |
|---|---|
| विस्तार | Libra 6°40′ – Libra 19°60′ |
| राशि | तुला |
| स्वामी ग्रह (दशा) | राहु – 18 वर्ष महादशा |
| देवता | Vayu |
| गण | देव |
| नाड़ी | अन्त्य |
| योनि | महिष |
| नाम अक्षर | रू, रे, रो, ता |
चरण अनुसार राशि और नाम अक्षर
| चरण | अक्षर | राशि |
|---|---|---|
| 1 | रू | तुला |
| 2 | रे | तुला |
| 3 | रो | तुला |
| 4 | ता | तुला |
सबसे अच्छा गुण मिलान
हमारे अष्टकूट इंजन से, स्वाति (वर) के साथ पहले चरण पर आधारित:
अपनी पूरी कुंडली मुफ्त बनाएं
जन्म तिथि, समय और स्थान से लग्न कुंडली, नवांश, दशा, दोष और AI ज्योतिषी (3 प्रश्न मुफ्त)।
फ्री कुंडली बनाएं →FAQ
स्वाति नक्षत्र के नाम अक्षर कौन से हैं?
स्वाति नक्षत्र के चार चरणों के नाम अक्षर हैं: चरण 1 – रू, चरण 2 – रे, चरण 3 – रो, चरण 4 – ता।
स्वाति नक्षत्र का स्वामी कौन है?
स्वाति नक्षत्र के स्वामी राहु हैं, इसलिए इस नक्षत्र में जन्मे जातक की पहली महादशा राहु की होती है (पूर्ण अवधि 18 वर्ष)।
स्वाति नक्षत्र किस राशि में आता है?
चरण 1: तुला, चरण 2: तुला, चरण 3: तुला, चरण 4: तुला।