ज्येष्ठा नक्षत्र – स्वामी, देवता, नाम अक्षर, स्वभाव और मिलान
बड़े भाई जैसे रक्षक नेता; जिम्मेदार और शक्तिशाली, अहं और तनाव पर नियंत्रण आवश्यक।
| क्रम | 18 / 27 |
|---|---|
| विस्तार | Scorpio 16°40′ – Scorpio 29°60′ |
| राशि | वृश्चिक |
| स्वामी ग्रह (दशा) | बुध – 17 वर्ष महादशा |
| देवता | Indra |
| गण | राक्षस |
| नाड़ी | आदि |
| योनि | मृग |
| नाम अक्षर | नो, या, यी, यू |
चरण अनुसार राशि और नाम अक्षर
| चरण | अक्षर | राशि |
|---|---|---|
| 1 | नो | वृश्चिक |
| 2 | या | वृश्चिक |
| 3 | यी | वृश्चिक |
| 4 | यू | वृश्चिक |
सबसे अच्छा गुण मिलान
हमारे अष्टकूट इंजन से, ज्येष्ठा (वर) के साथ पहले चरण पर आधारित:
गंडमूल दोष
यह गंडमूल नक्षत्र है। शांति हेतु नक्षत्र देवताओं की पूजा और हवन किया जाता है।
गंडमूल शांति पूजा देखेंअपनी पूरी कुंडली मुफ्त बनाएं
जन्म तिथि, समय और स्थान से लग्न कुंडली, नवांश, दशा, दोष और AI ज्योतिषी (3 प्रश्न मुफ्त)।
फ्री कुंडली बनाएं →FAQ
ज्येष्ठा नक्षत्र के नाम अक्षर कौन से हैं?
ज्येष्ठा नक्षत्र के चार चरणों के नाम अक्षर हैं: चरण 1 – नो, चरण 2 – या, चरण 3 – यी, चरण 4 – यू।
ज्येष्ठा नक्षत्र का स्वामी कौन है?
ज्येष्ठा नक्षत्र के स्वामी बुध हैं, इसलिए इस नक्षत्र में जन्मे जातक की पहली महादशा बुध की होती है (पूर्ण अवधि 17 वर्ष)।
ज्येष्ठा नक्षत्र किस राशि में आता है?
चरण 1: वृश्चिक, चरण 2: वृश्चिक, चरण 3: वृश्चिक, चरण 4: वृश्चिक।
क्या ज्येष्ठा गंडमूल नक्षत्र है?
हां, ज्येष्ठा छह गंडमूल नक्षत्रों में से एक है। परंपरा अनुसार जन्म के 27वें दिन या उसी नक्षत्र के आने पर गंडमूल शांति पूजा कराई जाती है।